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भारतीय मूल के नोबेल विजेता नायपॉल का निधन

2001 में साहित्य के लिए मिला था नोबेल प्राइज, भारतीय मूल के लेखक नायपॉल। उनके पूर्वज बस गए थे त्रिनिदाद में।
 
नई दिल्ली। भारतीय मूल के विश्व प्रसिद्ध लेखक वी.एस.नायपॉल का निधन हो गया है। 85 वर्षीय नायपॉल को 2001 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार हासिल हुआ था। इस प्रख्याक लेखक के परिजनों ने शनिवार को इसकी सूचना जारी की। नायपॉल की पत्नी ने एक बयान में कहा, उनकी सभी उपलब्धियां महान हैं और उन्होंने अपनी अंतिम सांस अपने प्रियजनों के बीच ली। उनका जीवन अद्भुत रचनात्मकताओं और प्रयासों से भरा था।
जैसा कि नाम से जाहिर है वह भारतीय मूल के लेखक थे। उनके पूर्वज 1880 में त्रिनिदाद में बस गए थे।
ध्यान रहे कि नायपॉल का पूरा नाम विद्याधर सूरजप्रसाद नायपॉल था। जहां साल 2001 में उन्हें नोबल प्राइज से सम्मानित किया गया था। वहीं 1971 में उन्हें 1971 में बुकर पुरस्कार हासिल हुआ था। नायपॉल का जन्म 1932 में त्रिनिदाद में हुआ था। उनकी पहली पुस्तक ‘द मिस्टिक मैसर’ 1951 में प्रकाशित हुई थी। इसके साथ ही ए बेंड इन द रिवर और अ हाउस फॉर मिस्टर बिस्वास जैसी पुस्तकों से वे दुनियाभर में प्रसिद्ध हुए।
गौरतलब है कि वी एस नायपॉल के पूर्वज 1880 में त्रिनिदाद में बस गए थे। नायपॉल के पिता सीप्रसाद त्रिनिदाद गॉर्जियन में रिपोर्टर और फिक्शन लेखक थे। कहा जाता है कि वी एस नायपॉल के अंदर पढ़ने-लिखने का शौक पिता को देखकर ही जगा। नायपॉल की शिक्षा-दीक्षा इंग्‍लैंड में हुई और वे इंग्‍लैंड में ही रहते थे। वे दुनिया के तमाम देशों में घूमे। इस दौरान उन्होंने कई पुस्‍तकें, यात्रा-वृतांत और निबंध लिखे। दुनिया के शीर्ष लेखकों में से एक नायपॉल का विवादों से भी रिश्ता रहा।

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