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चीनी पर्यटकों को लुभाने की कोशिश में इंडिया

पर्यटन राज्य मंत्री के.जे. एलफोन्स के नेतृत्व में तमाम अधिकारी चीन के दौरे पर। बीजिंग, वूहान आदि शहरों में हो रहे हैं टूरिज़्म रोड शो।

चीनी भाषा सहित 12 भाषाओं में शुरू की गई है टूरिस्ट हेल्पलाइन है। नंबर है-1363

पिछले साल सिर्फ़ तीन लाख चीनी पर्यटक भारत पहुंचे। जबकि 144 मिलियन चीनी नागरिकों ने विदेश यात्रा की। जबकि लगभग 14 मिलयन भारतीय पर्यटक विदेश भ्रमण पर गए। पर इस दौरान 1.4 मिलयन भारतीय चीन आए।

By Pankaj Srivastava, Beijing

भारत सरकार अधिक से अधिक विदेशी पर्यटकों को भारत आने के लिए आकर्षित करने की कोशिश में जुटी है। ताकि पर्यटन को आर्थिक तरक्की का प्रमुख स्रोत बनाया जा सके। इसी क्रम में भारतीय पर्यटन राज्य मंत्री के.जे. एलफोन्स के नेतृत्व में पेइचिंग और वूहान आदि शहरों में टूरिज्म रोड शो का आयोजन किया जा रहा है। जाहिर है दुनिया में सबसे अधिक विदेश यात्रा पर जाने वाले पर्यटक चीन के हैं। ऐसे में मोदी सरकार चीनी लोगों के बीच भारत के बारे में समझ बढ़ाने का काम कर रही है। इतना ही नहीं सरकार ने पर्यटकों को पेश आने वाली समस्याओं के हल के लिए 12 भाषाओं में हेल्पलाइन शुरू की है। जिसमें चीनी मैंडरिन भी शामिल है। पर्यटन मंत्रालय का हेल्पलाइन नंबर है-1363।

पर्यटन राज्य मंत्री के चीन दौरे के महत्व को इसी बात से समझा जा सकता है कि उनके साथ पर्यटन मंत्रालय के महानिदेशक सत्यजीत राजन समेत अधिकारियों का एक दल भी चीन पहुंचा है। साथ ही भारत के कई प्रमुख टुअर ऑपरेटर्स भी चीन आए हैं। इस दौरान 28 अगस्त को पेइचिंग के एक पाँच सितारा होटल में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर पर्यटन राज्य मंत्री एलफोन्स ने कहा कि, पिछले साल सिर्फ़ तीन लाख चीनी पर्यटक भारत पहुंचे। जबकि 144 मिलियन चीनी नागरिकों ने विदेश यात्रा की। ठीक इसी तरह गत् वर्ष लगभग 14 मिलयन भारतीय पर्यटक विदेश भ्रमण पर गए। लेकिन इस दौरान 1.4 मिलयन भारतीय चीन आए।

उन्होंने कहा कि चीन और भारत के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने की आवश्यकता है। ताकि अधिक से अधिक नागरिक एक-दूसरे देश का दौरा कर सकें। उन्होंने कहा कि विदेशी यात्रियों के आगमन की सूची में भारत 24वें स्थान पर है।

बकौल एलफोन्स हम एक प्राचीन सभ्यता हैं, हमारे पास 36 यूनेस्को स्मारक हैं। ये सभी अविस्मरणीय हैं। भारत में खजुराहो, अजंता-एलोरा और ताज महल जैसे तमाम खूबसूरत स्मारक हैं। वहीं बैक वाटर केरल, हम्पी विजय नगर, शिवाजी के तीन सौ किले और राजस्थान में विशाल रेगिस्तान भी मौजूद है। साथ ही भारत में लग्ज़री ट्रेन पैलेस आन व्हील जैसी सुविधाएँ भी हैं। वहीं ऐलोरा के पूरे पहाड़ को काटकर मंदिर परिसर बनाया गया है। जो बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। जबकि योग, आयुर्वेद और आध्यात्म भारत की धरोहर है, जो आपको अपना लेगी। वहीं संगीत और हर राज्य के स्वादिष्ट व्यंजन भी चीनी लोगों को लुभाएंगे। उन्होंने कहा कि बोलने को बहुत कुछ है, लेकिन वे मानते हैं कि अब चीनी पर्यटकों का भारत आगमन होगा।

इस मौक़े पर चीन स्थित भारतीय राजदूत गौतम बंबावाले ने दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए और कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि वाराणसी, बोध गया, लुम्बिनी और नालंदा आदि स्थलों के चलते बौद्ध पर्यटन की व्यापक संभावना है। ऐसे में इस बढ़ाने की जरूरत है। वहीं पर्यटन मंत्रालय के महानिदेशक सत्यजीत राजन ने भारत के टूरिस्ट सेक्टर का पूरा ख़ाका पेश किया।

इसके साथ ही अतुल्य भारत सेमिनार का आयोजन हुआ। इस दौरान दोनों देशों के कलाकारों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए। इसके साथ ही भारतीय पर्यटन राज्य मंत्री ने मीडिया के साथ बातचीत भी की।

गौरतलब है कि भारत से आया यह दल 28 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन की यात्रा पर है। पेइचिंग के बाद भारतीय दल वूहान और शांगहाई आदि शहरों का भी दौरा करेगा।

The writer is a senior journalist and working with China Radio International.

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