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बाजपुर चीनी मिल के एक और कर्मचारी की इलाज के अभाव में मौत

बाजपुर। बाजपुर चीनी मिल के एक और कर्मचारी की इलाज न करा पाने से मौत हो गयी। इससे पहले दो अन्य कर्मचारियों की भी इलाज न करा पाने से मौत हो चुकी है। इलाज के लिए पैसों के अभाव में एक हफ्ते के भीतर यह तीसरी मौत है। दरअसल चीन मिल से कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। इसके खिलाफ कर्मचारियों में रोष है। वे मिल के खिलाफ धरना प्रदर्शन भी कर रहे हैं। बताया जाता है कि अभी भी कर्मचारियों का पांच महीने का वेतन रुका हुआ है।

यूपी के नूरपुर पुषबाड़ा, स्वार निवासी कुलदीप सिंह चीनी मिल में केन सीजनल क्लर्क के पद पर तैनात थे। आठ महीने से वह गले के कैंसर से पीड़ित थे। उन्हें पांच महीने से वेतन नहीं मिला था जिसके चलते परिजन उनका सही से इलाज नहीं करा पा रहे थे। मंगलवार शाम कुलदीप सिंह की मौत हो गयी।

परिजनों के अनुसार कुलदीप का इलाज जौलीग्रांट अस्पताल से चल रहा था। डाॅक्टरों ने इलाज में पांच लाख रुपए खर्च आने की बात कही थी। इलाज के लिए पैसे नहीं होने के चलते वे मजबूरन कुलदीप सिंह को घर ले आए। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार चीनी मिल प्रशासन से बकाया भुगतान की मांग की मगर मिल से उन्हें पैसा नहीं मिल पाया। कुलदीप सिंह के परिवार में पत्नी मनजीत कौर, बेटी गुरप्रीत कौर और पुत्र हरविंदर सिंह हैं।

पैसों के अभाव में इलाज न करा पाने से मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले इलाज न करा पाने से 29 मई को राजेंद्र सिंह की मौत हो गयी थी। कर्मचारियों ने शव मिल के गेट पर रखकर जाम लगाया था। इससे हरकत में आए मिल प्रशासन ने शुगर मिल की चार करोड़ की एफडी तोड़कर कर्मचारियों को जनवरी का वेतन दिया था। इसके दो दिन बाद 31 मई को हीरालाल की मौत हो गयी। हीरालाल के परिजन भी पैसों के अभाव में उनका इलाज नहीं करा पाए थे। मिल के कर्मचारियों की मानें तो कई कर्मचारियों के परिजन गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। मगर उनके पास इलाज के लिए पैसा नहीं है।

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