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राजस्थान में गोरक्षा के नाम पर एक शख्स को उतारा मौत के घाट!  

इससे पहले देश की सर्वोच्च अदालत ने गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर लगायी थी सरकारों को फटकार, कहा संसद बनाए कानून

जयपुर। देश में भीड़ द्वारा लोगों को मारे जाने और कानून को अपने हाथों में लेने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मॉब लिंचिंग शब्द आजकल भारत में बेहद प्रचलित हो चुका है। इसी तरह का एक और वाकया राजस्थान के अलवर जिले में सामने आया है। जहां गोरक्षा के नाम पर बेकाबू भीड़ ने एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया। बताया जाता है कि अलवर के रामगढ़ इलाके में एक व्यक्ति को महज इसलिए पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी, क्योंकि उस पर गो-तस्करी का शक था। भीड़ की बेरहमी का शिकार बने व्यक्ति का नाम अकबर बताया जाता है। खबर के मुताबिक शुक्रवार की रात अकबर और असलम नामक दो व्यक्ति गाय के साथ जा रहे थे, तभी उग्र भीड़ ने उन पर हमला बोल दिया। जिसमें अकबर की मौत हो गयी। हालांकि असलम किसी तरह मौत के मुंह से बच निकला। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब राजस्थान सरकार ने कहा है कि मॉब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए अलग से किसी कानून की जरूरत नहीं है।

ट्वीट

#SpotVisuals: A man named Akbar was allegedly beaten to death by mob in Alwar’s Ramgarh last night on suspicion of cow smuggling, police investigation underway #Rajasthanpic.twitter.com/Vg8X4KBdDB

— ANI (@ANI) July 21, 2018

इस घटना पर अलवर के एएसपी अनिल बैजल ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे लोग गो तस्कर थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस दोषियों को पहचानने और खोजने में जुटी है।

हालांकि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि   अपराधियों के खिलाफ कड़ी कारर्वाई की जाएगी।  इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते में केंद्र और राज्यों को कड़ी फटकार लगायी। अदालत ने कहा कि कोई भी नागरिक कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता। ये राज्य सरकारों का  कर्तव्य है कि व कानून व्यस्था बनाये रखें। अदालत ने सख्त रवैया अख्तियार करते हुए कहा कि संसद इसके लिए कानून बनाए, जिसमें भीड़ द्वारा हत्या के लिए सजा का प्रावधान हो। गोरक्षा के नाम पर मौत के मामले में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा था कि मॉब लिंचिंग जैसी हिंसा की वारदातें नहीं होनी चाहिए। चाहे कानून हो या नहीं। कोई भी ग्रुप कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता।

यहाँ बता दें कि राजस्थान के अलवर जिले में ही एक वर्ष पहले कथित तौर पर गौरक्षकों ने पहलू खान की हत्या कर दी थी। गत् वर्ष एक अप्रैल को पहलू खान मवेशियों को लेकर जा रहा था जब संदिग्ध गौरक्षकों ने उसे खूब पीटा। बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गयी।

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